गढ़वाली प्रस्तुतियों से सराबोर हुई टिहरी महोत्सव की शाम

तीन दिवसीय टिहरी महोत्सव के समापन की शाम गढ़वाली प्रस्तुतियों से सराबोर रही। महोत्सव में लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लोगों को उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराया। देर शाम तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर लोग झूमते रहे। युवाओं और बच्चों ने मेले का लुत्फ उठाया।


राजकीय इंटर कॉलेज कोटि अठूरवाला के मैदान पर आयोजित तीन दिवसीय टिहरी महोत्सव का रविवार को समापन हो गया। समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेन्द्र सिंह पंवार ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। उन्होंने क्षेत्र के प्रमुख लोगों को स्मृति चिह्न और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि जिस देश और प्रदेश की अपनी संस्कृति नहीं होती, उसका कोई अस्तित्व नहीं होता। कहा कि संस्कृति को बचाए रखने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं। कार्यक्रम में उत्तराखंड के लोकगायक वीरेंद्र रावत, धूम सिंह रावत, रेशमा शाह, नवीन सेमवाल और सौरव मैठाणी की प्रस्तुतियों पर लोग जमकर थिरके।
पूर्व ग्राम प्रधान मंजू चमोली ने कहा कि महोत्सव के माध्यम से टिहरी की स्मृतियों को संजोया जा रहा है। कार्यक्रम में संयोजक सुमेर सिंह नेगी, भाजपा नगर अध्यक्ष विनय कंडवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, जिला पंचायत सदस्य अनिता सेमवाल, कैप्टन शूरवीर सिंह रावत, दिनेश डोभाल, शूरवीर सिंह नेेगी, सरोप सिंह नयाल, बेताल सिंह नेगी, भरत सिंह नेगी, आनंद सिंह नेगी, वीरेन्द्र दत्त चमोली, सुरेश डोभाल, धर्मवीर गुसाईं, दिनेश असवाल, ब्रजमोहन, सुरेन्द्र सिंह, विनोद नेगी, अरविंद नेगी, सुनील सजवाण, ममता नयाल, मनवर सिंह नेगी, दिनेश सजवाण आदि मौजूद रहे।